पटना में छात्रों का उग्र प्रदर्शन: पुलिस से झड़प, लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल
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पटना में छात्रों का उग्र प्रदर्शन: पुलिस से झड़प, लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल
Date: 22 जुलाई, 2026
पटना: राजधानी पटना में बुधवार को पेपर लीक के विरोध और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर छात्रों का प्रदर्शन उग्र हो गया। राजभवन मार्च के दौरान जेपी गोलंबर और डाकबंगला चौराहे पर छात्रों और पुलिस के बीच कई बार झड़प हुई। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने वाटर कैनन, आंसू गैस और लाठीचार्ज का सहारा लिया। इस दौरान कई छात्रों के घायल होने की भी सूचना है।
जानकारी के अनुसार, सुबह करीब 10:30 बजे छात्र गांधी मैदान से राजभवन मार्च के लिए निकले। करीब 11 बजे पुलिस ने जेपी गोलंबर पर बैरिकेडिंग कर उन्हें रोकने की कोशिश की और वापस लौटने की अपील की। हालांकि प्रदर्शनकारी आगे बढ़ने की जिद पर अड़े रहे। जब कुछ छात्रों ने बैरिकेडिंग तोड़ने का प्रयास किया तो पुलिस ने पहले वाटर कैनन का इस्तेमाल किया, फिर आंसू गैस के गोले छोड़े और बाद में लाठीचार्ज किया।
पुलिस कार्रवाई के बावजूद बड़ी संख्या में छात्र जेपी गोलंबर पर डटे रहे। उन्होंने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और कुछ छात्र सड़क पर बैठकर प्रदर्शन करने लगे। करीब 20 मिनट बाद प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेडिंग तोड़ दी और डाकबंगला चौराहे की ओर बढ़ गए।
डाकबंगला चौराहे पर भी पुलिस ने भारी सुरक्षा व्यवस्था की थी। यहां अतिरिक्त पुलिस बल, वाटर कैनन और आंसू गैस के साथ जवान तैनात किए गए थे। इस दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों द्वारा पुलिस पर बोतल और चप्पल फेंके जाने की भी सूचना है। हालात को देखते हुए अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेने के निर्देश दिए।
प्रदर्शन के दौरान पटना आईजी की एस्कॉर्ट गाड़ी पर भी हमला हुआ। हमले में वाहन के शीशे टूट गए और गाड़ी क्षतिग्रस्त हो गई।
छात्रों का कहना है कि उनका आंदोलन केवल NEET पेपर लीक तक सीमित नहीं है, बल्कि बिहार में कथित AEDO परीक्षा पेपर लीक, TRE-4 भर्ती प्रक्रिया और अन्य परीक्षा संबंधी अनियमितताओं के खिलाफ भी है। प्रदर्शनकारी केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।
पटना यूनिवर्सिटी की छात्रा सबा अफरीन ने कहा कि दिल्ली के जंतर-मंतर पर लंबे समय से छात्र आंदोलन कर रहे हैं और उनकी मांग है कि धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें, राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) को भंग किया जाए तथा परीक्षा संबंधी घटनाओं से प्रभावित छात्रों के प्रति सरकार संवेदनशील रवैया अपनाए।
समाचार लिखे जाने तक डाकबंगला चौराहे पर बड़ी संख्या में छात्र मौजूद थे और पुलिस अधिकारियों द्वारा स्थिति को नियंत्रित करने के प्रयास जारी थे।








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