बजट सत्र में पप्पू यादव की दहाड़ – कब तक चलेगी दलाली?


बिहार विधानसभा के बजट सत्र में एक बार फिर पप्पू यादव का धांसू अंदाज देखने को मिला। बिना किसी लाग-लपेट के, उन्होंने सीधे सरकार पर निशाना साधते हुए सवाल उठाया – "टिकट में दलाली कब तक चलेगी?"उनका यह सवाल सिर्फ राजनीति तक सीमित नहीं था, बल्कि यह एक बड़े मुद्दे की ओर इशारा कर रहा था – टिकट वितरण में भ्रष्टाचार और राजनीति में बढ़ती दलाली।
उन्होंने सरकार से पूछा कि आखिर चुनावी टिकट देने में पारदर्शिता क्यों नहीं है? क्यों सिर्फ पैसे और सिफारिश वालों को ही टिकट मिलता है? उन्होंने इस दलाली को खत्म करने की मांग की और कहा कि राजनीति में सच्चे और योग्य नेताओं को आगे लाने की जरूरत है।
इसके बाद पप्पू यादव ने सरकार के बजट पर करारा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि "बजट तो हर साल आता है, लेकिन इससे गरीबों और आम जनता को क्या फायदा होता है?"उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार सिर्फ कागजों पर योजनाएं बनाती है, लेकिन जमीन पर कुछ नहीं होता। आम जनता महंगाई और बेरोजगारी से जूझ रही है, लेकिन सरकार सिर्फ आंकड़ों का खेल खेल रही है।
उन्होंने महंगाई और बेरोजगारी को लेकर सरकार से कड़े सवाल किए। "युवा रोजगार के लिए दर-दर भटक रहे हैं, लेकिन सरकार सिर्फ वादे कर रही है। महंगाई आसमान छू रही है, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा।"
पप्पू यादव ने सदन में दो टूक कहा – "मेरा सबसे पहला रिक्वेस्ट है कि सरकार आम जनता की असली समस्याओं पर ध्यान दे!" उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि गरीबों, किसानों और युवाओं के लिए ठोस कदम उठाए बिना कोई भी बजट कामयाब नहीं हो सकता।
उनका यह भाषण सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। लोग उनके बेबाक अंदाज की तारीफ कर रहे हैं, क्योंकि उन्होंने जनता के मुद्दों को बिना किसी झिझक के उठाया। अब देखना यह होगा कि सरकार उनके इन सवालों का क्या जवाब देती है, या फिर हमेशा की तरह यह मुद्दे सिर्फ बहस तक ही सीमित रह जाएंगे!




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